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LIC की हिस्सेदारी वाले पावर स्टॉक पर FII बुलिश, कंपनी को मिला ₹22,000 करोड़ का बड़ा पावर प्रोजेक्ट

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नई दिल्ली: एनर्जी और पावर सेक्टर की मिडकैप कंपनी Torrent Power Ltd के स्टॉक पर सोमवार को निवेशकों की नज़र रह सकती है. इसका कारण यह है कि टोरेंट पावर को मध्य प्रदेश में 1,600 मेगावाट कोयला आधारित बिजली प्लांट के निर्माण और संचालन के लिए एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी से लेटर ऑफ अवार्ड मिला है. शुक्रवार को यह स्टॉक गिरावट के साथ बंद हुआ था और 0.75 प्रतिशत लुढ़क कर 1238 रुपये के लेवल पर बंद हुआ था.



कंपनी को मिला बड़ा पावर प्रोजेक्टटोरेंट पावर ने बताया है कि उसे मध्य प्रदेश में 1,600 मेगावाट कोयला-संचालित बिजली प्लांट स्थापित करने के लिए एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी से आधिकारिक तौर पर कॉन्ट्रैक्ट मिला है.



नया प्लांट बिल्कुल नए सिरे से (ग्रीनफील्ड परियोजना) बनाया जाएगा, जिसमें एडवांस अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक का उपयोग करके 800 मेगावाट की दो यूनिट्स होंगी. टोरेंट पावर इस प्लांट का डिज़ाइन, निर्माण, फंडिंग, स्वामित्व और संचालन खुद करेगी (डीबीएफओओ मॉडल), और इससे पैदा हुई बिजली 5.829 रुपये प्रति यूनिट (kWh) की दर से बेची जाएगी. इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 22,000 करोड़ रुपये की है.



यह प्रोजेक्ट, टोरेंट समूह का बिजली सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है. बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद, यह प्लांट 72 महीनों (6 साल) के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा और इससे पैदा हुई सारी बिजली एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी (एमपीपीएमसीएल) को सप्लाई की जाएगी.



बिजली प्लांट के लिए आवश्यक कोयला एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी (एमपीपीएमसीएल) द्वारा प्रदान किया जाएगा, और इसकी व्यवस्था कोयला सप्लाई के लिए केंद्र सरकार की शक्ति नीति के तहत की जाएगी.



यह प्लांट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक का इस्तेमाल करेगा, जिससे यह सामान्य कोयला प्लांट की तुलना में अधिक ईंधन-कुशल और कम प्रदूषण पैदा करेगा. इस प्रोजेक्ट से निर्माण के दौरान 8,000-10,000 नौकरियाँ और चालू होने के बाद लगभग 1,500 स्थायी नौकरियाँ भी पैदा होंगी.



कंपनी के उपाध्यक्ष और एमडी जिनल मेहता ने कहा कि यह प्रोजेक्ट 2032 तक 80,000 मेगावाट कोयला बिजली जोड़ने की भारत की योजना में योगदान देगी. यह पावर ग्रिड को स्थिर रखने के लिए स्थिर और विश्वसनीय बिजली (बेस लोड) की सप्लाई में भी मदद करेगी.



LIC की हिस्सेदारीकंपनी में देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी की हिस्सेदारी है. ट्रेंडलाइन के मुताबिक, जून 2025 तक कंपनी में एलआईसी के पास 14,187,109 शेयर है यानी कंपनी की 2.82 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी.



FII भी बुलिशकंपनी के स्टॉक पर एफआईआई भी बुलिश है. ट्रेंडलाइन के मुताबिक, एफआईआई ने जून 2025 तिमाही में स्टॉक में अपनी हिस्सेदारी को 9.43% से बढ़ाकर 9.79% कर दिया है.

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